कैथोलिक चर्च का षड्यंत्र संपूर्ण विश्व का हो ईसाईकरण
भाग 5 ईसाईकरण के घातक हथियार प्रेम सेवा और परोपकार मनीष पाण्डेय संपूर्ण विश्व में कैथोलिक चर्च और उसके पश्चात बहुराष्ट्रीय कंपनियों की मिलीभगत के चलते ईसाई करण करने का जो गंदा खेल खेला गया उसमें न सिर्फ नए नए षडयंत्रो का समावेश किया गया, बल्कि उसमें ऐसे ग्लैमर का तड़का लगाया गया जिसने आम जनमानस को पूरी तरह से दिग्भ्रमित करते हुए अपनी जड़ों अपनी संस्कृति से काट दिया वह पाश्चात्य जगत जहां फूहड़ता का बोलबाला है, जहां व्यभिचार, के रूप में फ्री सेक्स वहां की संस्कृति का अभिन्न अंग हो, ऐसे ईसाई राष्ट्र अगर भारत को प्रेम का पाठ पढ़ाने चलें तो यह सिर्फ उनकी मूर्खता ही तो कहीं जाएगी, वास्तव में कैथोलिक चर्च का मूल षड्यंत्र यही है कि प्रेम, परोपकार और सेवा की आड़ में पूरे विश्व का ईसाईकरण करने के लिए नित नऐ प्रपंच गढे जाऐ, और उन्हें बेहद शातिराना तरीके से पूरे विश्व में फैलाया जाए, जिस प्रकार कैथोलिक चर्च द्वारा वैलेंटाइन को रोम में बड़े पैमाने पर वहां की संस्कृति को नष्ट करने एवं वहां के लोगों का धर्मांतरण करने के लिए भेजा गया था ठीक उसी प्रका...