ऋण लेकर घी पीने की आदत भारतीय में पुरातन समय से विद्यमान
ऋण लेकर घी पीने की आदत हम भरतीयों में काफी पुरानी है काफी पुराने कर्ज दार हम लोग विश्व बैंक मुद्रा कोष आदि संगठनों के रहे है कर्ज लेकर विकास करनें की आदत अब मोदी जी को भी भाने लगी है बुलेट टेªन की सौगात हमें मिली है वह भी कर्जे के रूप में बेहद आसान किस्तों पर? यह कर्ज हमें जापान ने दिया है भारतीयों के लिए यह समय खुशियाँ मनानें व पटाखे दगाने का है अब प्रधान मंत्री जी यह बात क्यों नही समझना चाहतें कि अगर बारह अरब डालर से कही कम रकम अगर वह भारतीय रेलों की दुर्दशा पर खर्च करतें तो यह हम भारतीयों के लिए ज्यादा सुकून व तसल्ली देने वाला होता , कर्ज लेकर विकास करने की यह अनीती देश की आम जनता की जेब पर निश्चित रूप से भारी पड़ने वाली है सरकारों का क्या है आज है कल नहीं आश्चर्य भी होता है और दुखः भी कि सरकारें अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए जनता को ही क्यों पीसती है कर्जे से ली गयी बुलेट टेªन से हम अपना कौन सा स्टेटस दुनियाँ के सामने दिखाना चाहते है क्या हम अपने पास मौजूद संसाधनों का उपयोग करके अपनी भारतीय टेªनों की दुर्दशा बदहाली को सुधार लेते तो यह भारतीयों के लिए निश्चित रूप से गर्व करने वाल...