लव जेहाद
हिन्दू समाज के विरूद्ध एक भयावह षडयन्त्र, कुचक्र
मनीष पाण्डेय।
अधिवक्ता/पत्रकार
प्रदेश प्रवक्ता अखिलभारत हिन्दू महासभा उत्तर प्रदेश
साधारण अर्थो में लब जेहाद का अर्थ प्रेम युद्ध माना जाता है, जो कि सम्पर्ण विश्व का इस्लामीकरण करने के उददेश्य से मुसलमानों द्वारा इस्लाम पंथ को न मानने वालों के विरूद्ध अर्थात् जो अल्लाह पर ना ईमान रखते हो, ना ही उसके रसूल पर और ना ही इस्लाम को मानते हों अर्थात् जो काफिर हो ऐसे लोगो से जेहाद करने के लिए कुरान (9ः29) में स्पष्ट रूप से वर्णन है। जेहाद अथवा युद्ध में लब या प्रेम युद्ध कैसे आया किस षडयन्त्र के तहत लाया गया इसे समझा जाना नितांत आवश्यक है। आपने अक्सर देखा होगा कि टी वी चैनलों पर होती बहसो के दौरान मुस्लिम पक्ष तथा दलाल मीडिया चैनल लव जेहाद जैसी कोई भी चीज के होने के अस्तित्व केा एक सिरे से नकारते हुए इसे अन्र्तजतीय, अन्तधर्मियों, प्रेम कहते है। जबकि लव जेहाद वह प्रेम विवाह में जमीन आसमान का अन्तर होता है। प्रेम विवाह में जहां वर बधू में निष्ठा व समर्पण का भाव होता है, वहीं लव जेहाद में आक्रोश विद्वैष छल और धर्मान्तरण होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो हिन्दू धर्म के अस्तित्व को खत्म करने की कुत्सित मानसिकता से ग्रस्त होकर मुसलमानों द्वारा लव जेहाद को जन्म दिया गया है। लव जेहाद को समझनें से पहले पाठक गणों को कुरान में जो जेहाद के चार तरीके बताये गये है उसे समझना नितान्त आवश्यक है। 1-जिहाद बिल लफ्स-अर्थात् दिल से जिहाद 2- जिहाद बिल लासान -अर्थात उपदेश वार्तालाप अथवा मौखिक रूप से जिहाद 3 - जिहाद बिल कलम अर्थात लेखनी से जिहाद 4- जिहाद बिल सैफ अर्थात सधि युद्ध एवं आक्रमण द्वारा जिहाद इस प्रकार हम कह सकते है जिहाद का स्पष्ट रूप से अर्थ यह है कि गैर मुसलमानों को धर्मान्तरित करो तथा इस्लामी राज्य की स्थापना करो। लब जिहाद आधुनिक युगीन फार्मूला है। जब उपरोक्त वर्णित चारो जिहादी फार्मूले काम न करें तो इस पांचवे तरीके को अपनाओं जिसमें हिन्दू लडकियों के धमान्तरण के लिए प्रशिक्षित मुस्लिम युवको को तैयार करो फिर लडकी को प्रेम जाल में फसाओ और उसका निकाह कर धर्मान्तरण कर दों। आधुनिक युग में यही पांचवा तरीका सबसे ज्यादा अपनाया जा रहा है। आप भूले नही होंगे मेरठ के खरखौदा ग्राम का प्रकरण बिहार के रांची, में शूटर तारा शहदेव का मामला इसी प्रकार फैजाबाद जनपद के अमानीगंज खण्डासा का चर्चित मामला जिसमें नदीम नाम के मुस्लिम युवक द्वारा हिन्दू युक्ती के साथ किया गया लव जिहाद उसके बाद धर्मान्तरण की प्रक्रिया फिर भेद खुल जानें के डर उसकी हत्या यह तो मात्र चंद उदाहरण है, लव जिहाद ऐसे हजारो मामले समाज में लगातार हो रहे है। उ0प्र0 के पश्चिम क्षेत्रों सहित विभिन्न राज्यो से ऐसी घटनों निरन्तर रूप से सामनें आ रही है। सबसे अधिक घटनाऐं दक्षिण भारत के राज्यों विशेषकर केरल व कर्नाटक से जुडी हुई है। आकड़ों के अनुसार 2006 से 2009 के बीच 2870 लडकियों का धर्मान्तरण कराया गया थोक के भाव जिस तरह लडकियो का धर्मपरिवर्तन हुआ उसे देखकर आखिरकार केरल के तात्कालीन मुख्यमंत्री बी0एस0 अच्युतानन्दन नें स्पष्ट तौर पर यह स्वीकार किया कि एक संगठित समूह द्वारा लव जिहाद अभियान के अन्तर्गत धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसी प्रकार 2009 में केरल उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति शंकरण में भी कहा कि प्रेम की आड़ में जबरन धर्मान्तरण (मतान्तरण) करवानें की साजिश चल रही है। छल व फरेब के बल पर इस तरह के मतान्तरण को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। लव जिहाद के सम्बन्ध में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ के सवाल को व उसके निर्णय पर ध्यान दिया जाना नितान्त आवश्यक हैं 2006 में लखनऊ खण्डपीठ ने उ0प्र0सरकार से पूछा था कि हिन्दू लडकियाॅ इस्लाम को कबूल क्यों कर रही है। मुस्लिम लडके अपना मजहब क्यों नहीं बदल रहे है, न्यायमूर्ति राकेश शर्मा की टिप्पणी गौर करने वाली है। जिसमें उन्होने स्पष्ट रूप से कहा है कि न्यायालय के सामने लगातार ऐसे मामले आ रहे है। जिसमें हिन्दू लडकियो से इस्लाम कबूल करवाने के बाद उनका निकाह मुस्लिम लडको से कर दिया जाता है। निकाह के बाद लडकियो का न पता मिलता है और न ही ठिकाना पिछले दिनो जब दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से उ0प्र0 सरकार के मंत्री आजम खां ने लव जिहाद को उचित ठहराते हुए इसे इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम बताया तो सिर्फ उनकी तथाकथित बुद्धिहीनता व अल्पज्ञान या कहें कि कुटिलता पर तरस ही आया इसी प्रकार केन्द्रीय ग्रह मंत्री राजनाथ सिंह ने तो आजम खाॅ से दो कदम आगे निकलते हुए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व शर्मनाक ढंग से लव जिहाद के प्रति अपनी अनभिज्ञता ही जाहिर कर दी। साम, दाम दण्ड भेद, और प्रेम अर्थात् येन केन प्रकारेण किसी भी तरीके से गैर मुसलमानों को धर्मान्तरित करना पूरे विश्व का इस्लामीकरण कर देना यही तो लव जिहाद की मूल अवधारणा है। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह इस सम्वेदनशील विषय पर मात्र वोट बैंक व तुष्टिकरण की नीति के तहत चुप्पी साधते है। तो बेहद आश्चर्य और आकोश पैदा होता है। लव जिहाद के विरूद्ध अभियान चलाने में वैसे तो हिन्दू महासभा शिवसेना विश्वहिन्दू परिषद, हिन्दू युवा वाहिनी, श्रीराम सेना, जैसी अनेक संस्थाओं का नाम लिया जासकता है। किन्तु सनातन संस्था इस विषय को लेकर जिस तरह अभियान चला रही है। वह अपने आप में काबिलेतारीफ है। लव जिहाद भयावता व कुचक्र केा हमें थोड़ा और गहरायी से समझने की आवश्यकता है। वास्तव में यह अभियान एक संुयोजित षडयन्त्र जो कि मुस्लिम राष्ट्रों आतंवादी संगठनों की देन है। उनका मकसल विल्कुल स्प्ष्ट है कि भारतीय संस्कृति सभ्यता अथवा हिन्दू संस्कृति को खत्म कर दो उसका इस्लामी करण कर दों इसके लिए बाकायदा वे वित्तीय सहायता प्रदान करते ही है। मुस्लिम लड़को को प्रशिक्षण भी प्रदान करते है। ऐसे प्रशिक्षित लड़के इण्टरनेट, फेसबुक, टिवटर, मेाबाइल फोन इत्यादि के माध्यम से हिन्दु लड़कियो को फसाने का कार्य करते दिखलायी पड़ते है ऐसे तत्व लड़कियेा के स्कूल के आस पास भी मडराते देखे जाते है। अक्सर मेाबाइल रिचार्ज कराने जानी वाली दुकानों पर ऐसे तत्वों की नजर रहती है। देखागया है कि खुद दुकानदान भी इन कृत्यों में शामिल रहता है। याद रहे कि जनपद फैजाबाद के खण्डासा अमानीगंज काण्ड का अभियुक्त नदीम की मोबाइल की दुकान थी। ज्ञात हुआ है कि ऐसे लड़को को न सिर्फै विशेष टेªनिंग दी जाती है बल्कि उन्हें इस काम के लिए पैसे मोबाइल मोटर साइकिल इत्यादि भी मुहैया करायी जाती है। जैसी लडकी वैसा ही उसका रेट निर्धारण किया जाता है। लव जिहाद पर वैसे तो वोट बैंक व तुष्टिकरण की खातिर लगभग सभी राजनैतिक दल प्रायः चुप्पी ही साध लेते है। पर वर्तमान में केन्द्र सरकार जो चुनावो से पहले इन मुददों पर वेहद मुखर थी। वह जब अचानक अपना पल्ला झाड़ लेती है। अनिविज्ञयता प्रकट करती है। तो वेहद आश्चर्य पैदा होता है। इतनी भयावह समस्या को दर किनार करते हुए हिन्दू समाज के साथ छल धोखा व भ्रम आखिर कबतक किया जाता रहेगा। मात्र चुनावी फायदे के लिए हिन्दू समाज का भरोशा कैसे तोड़ा जा सकता है। यह बात हमारे हिन्दूत्व के पुरूधाओ को वेहद गम्भीरता से समझनी व सोचनी होगी।

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