सेवा में,
महामहिम राष्ट्रपति महोदय
भारत सरकार
विषयः आतंकी याकूब मेनन को फाँसी दिये जाने एवं फाँसी का विरोध कर रहे लोगों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही किये जाने एवं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर एवं अन्य को क्षमादान दिये जाने के सम्बन्ध में।
महोदय,
ज्ञात हुआ है कि मुम्बई बम ब्लास्ट के दोषी आतंकी याकूब मेनन की फाँसी की सजा मांफ करने के लिए इस देश में निवास करने वाले कुछ सेकुलरवादी मानसिकता से ग्रसित जिसमें अभिनेता सलमान खान, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रशान्त भूषण, वृन्दाकरान्त, रामजेठमलानी, असदुद्दीन औबेसी जैसे लोगों द्वारा आप के पास क्षमादान किये जाने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। यह भी ज्ञात हुआ है कि कांग्रेस के कुछ सांसदों/नेताओं द्वारा भी क्षमादान की अपील करते हुए एक पत्र आप को भेजा गया है। महोदय यह बात बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व शर्मनाक है कि इस देश के चंद लोगों के द्वारा एक आतंकी की पैरवी की जा रही है। इससे पहले भी कसाब व अफजल गुरु की फाँसी होते समय ऐसे तत्वों द्वारा विरोध किया गया था। देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं है। जो आतंकियों को भगवान मानते हैं। हमारे ही कुछ राजनीतिज्ञों द्वारा कभी उन्हें पेंशन देने की बात कही जाती है। अगर कोई आतंकी मरता है तो उसके परिवार को मुआवजा दिया जाता है तथा सिमी जैसे आतंकी संगठन को क्लीन चिट भी दी जाती है। आज आतंकी को बचाने के लिए धर्म का सहारा लिया जा रहा है। भारत वर्ष के लिए यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। धर्म के आधार पर क्या किसी आतंकी को छोड़ देना उचित होगा? इसका फैसला आप स्वयं करें। महामहिम राष्ट्रपति महोदय देश की सेवा करने वाले आजादी की बलिवेदी पर फाँसी चढ़ गये। वीरबलिदानियों आजादी के परवानों को आज कोई भी पूंछने वाला नहीं है। यह सर्वविदित है कि ऐसे देशद्रोही तत्वों द्वारा अपनी दूषित व स्वार्थी मानसिकता से ग्रसित होकर वीरबलिदानियों को फाँसी चढ़वायी गयी और देशद्रोहियों को बचाया गया। आज ऐसे ही चंद देशद्रोहियों द्वारा आतंकियों को बचाने के लिए आप से क्षमादान की अपील की जा रही है। ऐसे तत्व निश्चित रूप से राष्ट्र द्रोही हैं। महोदय हमारा यह मानना है कि याकूल मेनन को तत्काल फाँसी की सजा दी जानी चाहिए। जिससे कि अन्य आतंकियों के हौसले पस्त हो सके। आतंकवादी देश पाकिस्तान को भी कड़ा संदेश व सबक मिल सके। महामहिम राष्ट्रपति महोदय अगर आपकी दृष्टि में याकूब मेनन निर्दोष है तो फिर साध्वीप्रज्ञा सिंह ठाकुर, कर्नल पुरोहित, स्वामी असीमानन्द, मेजर उपाध्याय सहित अन्य लोग भला दोषी सिद्ध कैसे हो सकते हैं। वे तो मात्र आरोपी है, आज तक पुलिस द्वारा दोष सिद्ध नहीं किया जा सका है। फिर भी 7-8 सालों से सभी को जेल के अन्दर क्यों बन्द करके रखा गया है। याकूब मेनन की पत्नी इलेक्ट्रानिक चैनलों पर सबको यह बता रही है कि उसका पति बीमार है अतः उसे छोड़ देना चाहिए। किन्तु महोदय साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को तो कैंसर की बीमारी है फिर भी उसे नहीं छोड़ा जा रहा है। ऐसा क्यों? यह दोहरी नीति, दोहरा चरित्र व दोहरी राजनीति भला क्यांें? अतः आप से विनम्र निवेदन है कि बम ब्लास्ट के 257 पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने हेतु देश की आन्तरिक सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती हेतु देश हित में याकूब मेनन को तत्काल फाँसी चढ़ा देने की संस्तुति प्रदान करते हुये क्षमादान की अपील करने वाले सभी लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही किये जाने की आज्ञा प्रदान करें साथ ही साथ साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, स्वामी असीमानन्द, कर्नल पुरोहित, मेजर उपाध्याय व अन्य सभी को क्षमादान दान दिये जाने की संस्तुति भी प्रदान करें। आपका धन्यवाद।
भवदीय
(मनीष पाण्डेय)
अधिवक्ता/पत्रकार
प्रदेश प्रवक्ता
अखिल भारत हिन्दू महासभा
उत्त

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