लव जेहाद हिन्दू समाज के विरूद्ध एक भयावह षडयन्त्र, कुचक्र मनीष पाण्डेय। अधिवक्ता/पत्रकार प्रदेश प्रवक्ता अखिलभारत हिन्दू महासभा उत्तर प्रदेश साधारण अर्थो में लब जेहाद का अर्थ प्रेम युद्ध माना जाता है, जो कि सम्पर्ण विश्व का इस्लामीकरण करने के उददेश्य से मुसलमानों द्वारा इस्लाम पंथ को न मानने वालों के विरूद्ध अर्थात् जो अल्लाह पर ना ईमान रखते हो, ना ही उसके रसूल पर और ना ही इस्लाम को मानते हों अर्थात् जो काफिर हो ऐसे लोगो से जेहाद करने के लिए कुरान (9ः29) में स्पष्ट रूप से वर्णन है। जेहाद अथवा युद्ध में लब या प्रेम युद्ध कैसे आया किस षडयन्त्र के तहत लाया गया इसे समझा जाना नितांत आवश्यक है। आपने अक्सर देखा होगा कि टी वी चैनलों पर होती बहसो के दौरान मुस्लिम पक्ष तथा दलाल मीडिया चैनल लव जेहाद जैसी कोई भी चीज के होने के अस्तित्व केा एक सिरे से नकारते हुए इसे अन्र्तजतीय, अन्तधर्मियों, प्रेम कहते है। जबकि लव जेहाद वह प्रेम विवाह में जमीन आसमान का अन्तर होता है। प्रेम विवाह में जहां वर बधू में निष्ठा व समर्पण का भाव होता है, वहीं लव जेहाद में आक्रोश विद्वैष छल और धर्मान्तरण होता है। दूसरे ...
Posts
Showing posts from November, 2015
- Get link
- X
- Other Apps
आरक्षण की यह आग कब बुझेगी मनीष पाण्डेय अधिवक्ता/पत्रकार प्रदेश प्रवक्ता अखिल भारत हिन्दू महासभा उ0प्र0 आरक्षण की आग में जलते हुऐ गुजरात को टी0बी0 चैनलो के माध्यम से जब जलते हुए देखा तो दुख भी हुआ और क्रोध भी आया हार्दिक पटेल पर नहीं बल्कि देश के उन नीति निर्धारकों, तथा कथित समाजसेवी राजनेताओं पर जिन्होनें आरक्षण का राजनीतिकरण करते हुए अपने अपने हितो को स्वार्थपूर्ण ढंग से साधते हुए अपनी अपनी राजनैतिक रोटियां सेकी, अपने स्वार्थ के आगे उन्होने न जाने कितने परिवारों को आरक्षण की बलि दे दी पर चढ़ाकर और उनकी लाशो के उपर चढ़कर न सिर्फ सत्ता सुन्दरी का वरण किया बल्कि अपना और अपने वाली पीढि़यों को भी एश्वर्य पूर्ण जिन्दगी जीने का रास्ता खोल दिया आरक्षण की आग लगाकर सेकुलरवाद का नारा बुलन्द करने वाली कांग्रेस रही हो, फिर चाहे समाजवाद का खोखला नारा देने वाली समाजवादी पार्टी या फिर बहुजन हिताय बहुजन सुखाय का दिखावा करने वाली बसपा रही हो या फिर राष्ट्र वादी व हिन्दुत्व का ढपोरशंखी राग अलापने वाली भाजपा सभी ने न सिर्फ इस आरक्षण रूपी सुन्दरी को भरपूर रूप से चाहा बल्कि बल्कि उसे तोड़ा मरोड़ा और ...
- Get link
- X
- Other Apps
चिन्हित कर केन्द्र सरकार दिल्ली पुलिस या जिसके भी यह अधिकार क्षेत्र में आता हो उन्हे गिरफ्तार कर कठोरतम कार्यवाही करने की संस्तुति प्रदान करे। हिन्दू महासभा की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ;पी0 एम0 ओ0 हाउसद्ध दिल्ली पुलिस तथा देश की संसद को पत्र लिखकर केरल हाउस में गौमांस खाने वालो के विरू़द्ध कठोर कार्यवाही किये जाने की माँग के साथ साथ यह भी माँग करती है कि सम्पूर्ण भारत में गौ वध के सम्बन्ध में कठोर कानून बनाये और गौ वध पर बैन लगाये तथा गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करे। Like Comment Share
- Get link
- X
- Other Apps
अयोध्या के पौराणिक़ महत्व के कुण्डों पर भू माफियों का कब्जा ऽ नजूल, रजिस्ट्री व राजस्व विभाग की मिलीभगत के चलते कुण्डों का अस्तित्व खतरे में मनीष पाण्डेय फैजाबाद! अयोध्या जहां कभी युद्ध ना हुआ हो, स्कन्दपुराण के अनुसार समस्त उपपातकों के साथ ब्रह्महत्या आदि महापातक इस पुरी से युद्ध नही कर सकते इसलिए इसे अयोध्या कहते हैं, अयोध्या भगवान विष्णु की आदि नगरी है, और उनके सुदर्शन चक्र पर स्थित मानी गई है, जिस अयोध्या को भगवान विष्णु का निवास अन्तर्गृह, राजा रामचन्द्र जी का जन्मस्थान, माना जाता हो वहीं आज चंद भू माफियाओं स्वार्थी, असंतो, पुलिस प्रशासन के गठजोड़ के कारण अपने ही लोगों द्वारा छली हुई हार की कगार पर खड़ी हो कोने में बेबसी के आंसू बहाते देखी जा सकती है, जिस अयोध्या धाम को बड़े-बड़े आतताई , राक्षस, दुष्ट, निशाचर, डिगा, हरा ना सके उसे अब अपने ही उसके महात्मय को छिन्न-भिन्न नष्ट करने पर उतारू हैं। वास्तव में देखा जाऐ तो अयोध्या धाम का महत्व अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर अपनी अमिट, विशिष्ट छाप छोड़ने वाले राम मंदिर आन्दोलन के कारण तो रही ही है किन्तु उससे अधिक इस पुरी मंे स्थित पौराणिक क...
- Get link
- X
- Other Apps
सेवा में, महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार विषयः आतंकी याकूब मेनन को फाँसी दिये जाने एवं फाँसी का विरोध कर रहे लोगों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही किये जाने एवं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर एवं अन्य को क्षमादान दिये जाने के सम्बन्ध में। महोदय, ज्ञात हुआ है कि मुम्बई बम ब्लास्ट के दोषी आतंकी याकूब मेनन की फाँसी की सजा मांफ करने के लिए इस देश में निवास करने वाले कुछ सेकुलरवादी मानसिकता से ग्रसित जिसमें अभिनेता सलमान खान, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रशान्त भूषण, वृन्दाकरान्त, रामजेठमलानी, असदुद्दीन औबेसी जैसे लोगों द्वारा आप के पास क्षमादान किये जाने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। यह भी ज्ञात हुआ है कि कांग्रेस के कुछ सांसदों/नेताओं द्वारा भी क्षमादान की अपील करते हुए एक पत्र आप को भेजा गया है। महोदय यह बात बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व शर्मनाक है कि इस देश के चंद लोगों के द्वारा एक आतंकी की पैरवी की जा रही है। इससे पहले भी कसाब व अफजल गुरु की फाँसी होते समय ऐसे तत्वों द्वारा विरोध किया गया था। देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं है। जो आतंकियों को भगवान मानते हैं। हमारे ही कुछ राजनीतिज्ञों द्वारा कभी उन्हें पें...
- Get link
- X
- Other Apps
भारतीय समाज मेे जब कभी स्त्री आधिकारो पर विचार विमर्श करने की बात आती है तो न जाने क्यो हमेशा से ही पुरूष मानसिकता अतयन्त छोटी,संकुचित दिखाई पडने लगती है। स्त्र ी को मात्र भोग्य, दासी समझने वाला स्वर्थी पुरूष स्त्री अधिकारों पर प्रायः मौन साध से लेता है ऐसा क्यों? क्या वह यह नहीं समझता कि परिवर्तन इस संसार का संाश्वत नियम है।पुराने कानूनों को उसकी अनुपयोगिता के आधार पर जब समाप्त किया जा सकता है तो तेरह अखाडों की जगह समय की माॅग के अनुसार चैदह अखाडे भला क्यों नही हो सकते है। स्त्री के संशक्तिकरण की बाते तो हम बहुत करते है किन्तु जब उस स्त्री को अधिकार देने की बात आती है तो नियम कानूनों,प्रथाओं, परम्पराओं का रोना रोकर हम अपनी संकुचित स्वार्थ भी मानसिकता का परिचय भला क्यो देते है आज यदि आदि शंकराचार्य होते तो बढ़ते हुए स्त्री प्रभाव उनके अधिकारों का ध्यान रख उन्हें सशक्तिकरण का अधिकार देकर निश्चित रूप से चैदहवे अखाड़े को स्त्री अखाड़े के रूप में मान्यता प्रदान कर उसका श्रजन कर देते आज होना यह चाहिए कि स्त्री को भोग्या या दासी मानकर अपनी सेवा कराने वाले पुरूष आगे आगर स्त्री अधिकारों के लि...
- Get link
- X
- Other Apps
भारतीय समाज मेे जब कभी स्त्री आधिकारो पर विचार विमर्श करने की बात आती है तो न जाने क्यो हमेशा से ही पुरूष मानसिकता अतयन्त छोटी,संकुचित दिखाई पडने लगती है। स्त्र ी को मात्र भोग्य, दासी समझने वाला स्वर्थी पुरूष स्त्री अधिकारों पर प्रायः मौन साध से लेता है ऐसा क्यों? क्या वह यह नहीं समझता कि परिवर्तन इस संसार का संाश्वत नियम है।पुराने कानूनों को उसकी अनुपयोगिता के आधार पर जब समाप्त किया जा सकता है तो तेरह अखाडों की जगह समय की माॅग के अनुसार चैदह अखाडे भला क्यों नही हो सकते है। स्त्री के संशक्तिकरण की बाते तो हम बहुत करते है किन्तु जब उस स्त्री को अधिकार देने की बात आती है तो नियम कानूनों,प्रथाओं, परम्पराओं का रोना रोकर हम अपनी संकुचित स्वार्थ भी मानसिकता का परिचय भला क्यो देते है आज यदि आदि शंकराचार्य होते तो बढ़ते हुए स्त्री प्रभाव उनके अधिकारों का ध्यान रख उन्हें सशक्तिकरण का अधिकार देकर निश्चित रूप से चैदहवे अखाड़े को स्त्री अखाड़े के रूप में मान्यता प्रदान कर उसका श्रजन कर देते आज होना यह चाहिए कि स्त्री को भोग्या या दासी मानकर अपनी सेवा कराने वाले पुरूष आगे आगर स्त्री अधिकारों के लि...
- Get link
- X
- Other Apps
मुसलमानों ईसाईयों भारत छोड़ो- भारत के अभिन्न अंग जम्मू-कश्मीर में पकिस्तान के झंडे फहराये जाते है, आई0एस0आई0एस के झण्डे फहराये जाते है मेरी जान मेरी शान पाकिस्त ान-पाकिस्तान जैसे नारे लगाये जाते है जम्मू कश्मीर की ही धरती से भारत विरोधी गतिविधियाँ चलायी जाती है कौन है ये लोग क्या है इनका पंथ और क्या है इनका मजहब ? गिलानी, मीरवाइज अब्दुल्ला , यासीन मलिक, मुसर्रत जैसे आतंकी अलगाववादी विचार धारा के लोगो का सम्बन्ध किस पंथ या मजहब से है सेकुलरवादी लोगो द्वारा अक्सर यह कहा जाता है कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है अभी कल ही हमारें देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी मलेशिया यात्रा के दौरान कुछ एैसा ही कहा है जो कि बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है अब यक्ष प्रश्न यह उठता है कि ये अलगाव वादी आतंकी किस पंथ या मजहब के लोग है इनकी नागरिकता क्या है भारत के विभिन्न प्रान्तांे में ऐसे लोगो की कमी नही जिनका हीरो ओसामा-बिन-लादेन , अफजल गुरू, मोहम्मद अजमल कसाब, हाफिज सईद, बगदादी, दाउद इब्राहिम, जैसे लोग है आजकल तो आई0एस0आई0एस0 की सेना में हजारो मुस्लिम युवा शामिल हो चुके है खुफिया रिपोर्ट इस संख्...
- Get link
- X
- Other Apps
आमिर शाहरूख,रहमान की फिल्मो का करें बहिष्कार,देें आर्थिक चोट। कुछ लोग जो आमिर,शाहरूख सैफ,रहमान आदि खानें के विरोध का तरीका अपना रहें है।उसे मै बिल्कुल सही नही मानता हू।पुतला दहन करना बयान बाजी या नारे बाजी करना या सब तत्कालिक विरोध है लम्बे समय के लिए हमे कुछ सालिड तरीका अपना न होगा सही अर्थो में विरोध तभी दिखाई पडेगा जब इन देशद्रोही तत्वों को उनकी औकात बतातें हुए उनका आर्थिक बहिष्कार कर विरोध जताया जाये आमिर,शाहरूक,की फिल्में दंगल,दिलवाले रिलीज होने जा रही है देशवासियों से यह अनुरोध है कि इन फिल्में को देखने ना जाये बाक्स आफिस पर इन दोनो फिल्मो को बुरी तरह फ्लाप करवाकर इन्हे आर्थिक चोट दें इनकी अक्ल तभी ठिकाने पर आयेगी।इसी तरह मुस्लिम सब्जी वाले से सब्जी खरीदना बन्द कर दे,दूध लेना बन्द कर दें कपडे खरीदना बन्द कर दें वह हर समान जिसे मुस्लिम बनाते या बचते है उन्हे न खरीद कर इन्हे आर्थिक चोट दे निश्चित रूप से ये सभी अपनी ओकत में आ जायगें मै खुद 20 वषों से ऐसा ही कर के आपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हू आप सब भी करें परिणाम निश्चित रूप से सुखद दिखलाई देगा।