जब वैलेंटाइन को चढ़ाया गया था फांसी पर भाग 2
जब वैलेंटाइन को चढ़ाया गया था फांसी पर
भाग 2
रोम का राजा क्लोडियस एक विद्वान लेखक, कुशल प्रशासक रोमन संस्कृति का रक्षक
मनीष पाण्डेय
क्लॉडियस पूरा नाम तिवेरियम क्लॉडियस सीजर अगस्टस जर्मनिकस जो एक कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ एक विद्वान व्यक्ति भी था उसने अपने कार्यकाल में कई प्रशासनिक व न्यायिक सुधार किए थे ब्रिटेन पर विजय प्राप्त कर रोम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने हेतु क्लॉडियस को जाना जाता है क्लॉडियस एक इतिहासकार भी था इतिहास की पुलिस ने कई पुस्तकें लिखी थी, क्लॉडियस नागरिक प्रशासन का एक बेहतरीन जानकार था रोम में शांति स्थापित करने का कानून व शासन को बहाल करने में वह सफल हुआ था, क्लॉडियस ने अपने शासनकाल में कई महत्वपूर्ण कार्य संपन्न करवाएं, जिसमें प्रमुख रुप से अनाज की आपूर्ति हेतु व्यापक व्यवस्था बंदरगाहों का निर्माण शाही सिविल सेवा की स्थापना राजगुरु परीक्षण को समाप्त कर फिर से ब्रिटेन पर कब्जा इत्यादि क्लॉडियस के प्रमुख कार्यों में गिना जाता है,इतिहास सहित कई किताबें लिखीं। जिसमें प्रमुख रुप से LYON TABLET है,क्लोडियस ने कई नई सड़कों, नहरों, जलविद्युतों, आदि के निर्माण के माध्यम से रोम के बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ।अगस्तस के बाद से साम्राज्य का सबसे बड़ा विस्तार अंडरटेक किया और ब्रिटेन पर विजय प्राप्त की।,,न्यायिक प्रणाली में सुधार हुआ।।
क्लॉडियस ना सिर्फ एक इतिहासकार था बल्कि एक विचारवान पुरुष भी था, वह कहा करता था,जो इच्छा करता है वह हमेशा गरीब होता है।"जो भी आप जानते हैं उसे हमेशा न कहें, लेकिन हमेशा जानें कि आप क्या कहते हैं।"कोई बुराई करने के लिए अच्छा नहीं है, किसी को बेहतर इरादा नहीं है।"
जिस तरह सत्ता की प्राप्ति के लिए रूम के शासकों की हत्याएं की जाती रही क्लॉदियर्स भी उससे अछूता नहीं रहा उसे भी मारने की कई बार प्रयास किए गए कभी अपने सैनिकों द्वारा तो कभी सीनेट के लोगों द्वारा अंत में सत्ता के लालच में उसकी पत्नी ऐग्रिप्पिना ने उसे जहर देकर मार दिया क्योंकि वह अपने पुत्र नीरो को रोम का सम्राट बनाना चाहती थी, ईसाई प्रचार तंत्र अक्सर एक कहानी विश्व को बताता रहा जिसे लोगों ने सच मान लिया वह यह कि प्रेम के प्रतीक, प्रेम के मसीहा संत वैलेंटाइन को फांसी पर चढ़ा दिया था पूरे विश्व को भ्रम जाल में रखते हुए जो कहानी वैलेंटाइन की बताई गई थी वह थी कि ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन' नाम की पुस्तक के मुताबिक रोम के 11वें पादरी थे संत वैलेंटाइन, कुछ विद्वानों के अनुसार वैलेंटाइन क्लाउडियस के सेना में एक सैनिक था क्लॉडियस ने अपनी सेना में भर्ती होने के लिए लोगों के सामने यह शर्त रखी थी कि वे राष्ट्र की सेवा के लिए विवाह नहीं करेंगे अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर देंगे बताते हैं कि वैलेंटाइन ने इसका विरोध किया और उसने विरोध स्वरूप सेना के कई अधिकारियों और युवाओं का विवाह करवाया जिससे राजा क्लॉडियस क्रुद्ध हो गया और उसने वैलेंटाइन को 14 फरवरी 268AD मे फांसी पर चढ़ा दिया, यही कहानी ईसाई के रणनीतिकारों द्वारा पूरे विश्व को समझाई और बताई गई जबकि वास्तविकता क्या थी इसे बहुत ही गंभीरता के साथ समझने की आवश्यकता है, मैंने अपनी पहली भाग में यह स्पष्ट रुप से लिखा था कि रोमन धर्म को समाप्त करने के उद्देश्य से इसाई पंथ द्वारा रोम में एक बड़ा अभियान चलाने के तहत वह ईसाई धर्म प्रचारकों को भेजा गया था, सच्चाई यही है कि वैलेंटाइन को भी इसी उद्देश्य के लिए रोम भेजा गया था ,वैलेंटाइन के पहले भी यही कृत्य अनेक धर्म प्रचारक वहां कर चुके थे और निरंतर कर रहे थे जिसका विरोध रोम के शासकों द्वारा समय-समय पर किया गया ,और उन्होंने ईसाइयों के प्रति बेहद कठोर रवैया अपनाया पूरे विश्व को ईसाइयों ने इसे अपने ऊपर अत्याचार बताया वास्तविकता यही थी कि रोमन साम्राज्य अपने रोमन धर्म को बचाना चाहता था और ईसाई उसे नष्ट भ्रष्ट करना चाहते थे वैलेंटाइन बड़े पैमाने पर रोमवासी युवाओं का धर्मांतरण कर रहा था, वह यह चाहता था कि रोम का राजा क्लॉडियस ईसाई पंथ को ग्रहण कर ले, जबकि क्लॉडियस चाहता था कि वैलेंटाइन और उसके अनुयाई और रोमन धर्म को स्वीकार कर ले, वैलेंटाइन अपनी बात पर अड़ा रहा और वह निरंतर युवाओं को और सैनिकों को प्रेम का मसीहा बंद कर भड़का कर विवाह कराता रहा, अंत में वही हुआ जो क्लाउडियस चाहता था उसने वैलेंटाइन को बंदी बना लिया और में फांसी पर चढ़ा दिया, आज भी वैलेंटाइन के मृत शरीर के अवशेष रूम स्थित सेंट प्राक्सद सदमे तथा डबलिन आयरलैंड के वाइट स्ट्रीट कार्मेलाइट चर्च में रखे हुए हैं, क्लॉडियस की संपूर्ण जीवन और व्यक्तित्व को देखने के बाद यह सिद्ध हो जाता है कि बेशक क्लोडियस शारीरिक बाधाओं और अपंगता से ग्रस्त था किंतु वह एक कुशल प्रशासक विद्वान और निर्णय लेने की क्षमता रखने वाला व्यक्ति था, सत्ता प्राप्ति के बाद उसने अपने कृत्यों से यह सिद्ध भी किया
शेष अगले अंक में
आपका ही
अधिवक्ता मनीष पांडेय
MCOM,LLB,MBA (HR)
राष्ट्रीय प्रवक्ता हिंदू महासभा
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