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राष्ट्रहित के लिए आवश्यकःसमान नागरिक संहिता लेखक - मनीष कुमार पाण्डेय अधिवक्ता पत्रकार         एम0काॅम0. , एल0एल0बी0, एम0बी0ए0 (एच0आर0)   प्रदेश प्रवक्ता अखिल भारत हिन्दू महासभा उ0प्र0. ऽ शरीयत अदालतो मुस्लिम पसर्नलाॅ बोर्ड जैसी संस्थाओं पर लगे बैन कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक समारोह में कहा था है कि वे चाहते है कि देश में ऐसे कानूनोे को वे समाप्त करना चाहते है जिनकी प्रासंगिकता वर्तमान समय में लगभग समाप्त हो चुकी है उन्होने यह भी कहा कि ऐसे कानूनो को एक दिन में एक कानून समाप्त करने की उनकी मंशा है अर्थात वे चाहते है कि एक दिन में एक कानून की समाप्ति की जाऐ प्रधान मंत्री जी की सोच बिल्कुल सही है हम भारतवासी सैकड़ो वर्षो से ऐसे कानूनो को क्यों ढोऐ जो घिस पिट चुके है जो सभ्य समाज के लिए नासूर बन चुके है ऐसे कानून जो हमें राष्ट्रीयता नही बल्कि गुलामी,राष्ट्रद्रोह की ओर ढकेलती हो निश्चित रूप से ऐसी व्यवास्थाओं कानूनो को समाप्त कर उसकी जगह नये कानूनोे का सृजन करना ही राष्ट्रहित के लिए आवश्यक होगा परन्तु तब बड़ा आश्चर्य होता है जब राष्ट्र के ...

ऋण लेकर घी पीने की आदत भारतीय में पुरातन समय से विद्यमान

ऋण लेकर घी पीने की आदत हम भरतीयों में काफी पुरानी है काफी पुराने कर्ज दार हम लोग विश्व बैंक मुद्रा कोष आदि संगठनों के रहे है कर्ज लेकर विकास करनें की आदत अब मोदी जी को भी भाने लगी है बुलेट टेªन की सौगात हमें मिली है वह भी कर्जे के रूप में बेहद आसान किस्तों पर? यह कर्ज हमें जापान ने दिया है भारतीयों के लिए यह समय खुशियाँ मनानें व पटाखे दगाने का है  अब प्रधान मंत्री जी यह बात क्यों नही समझना चाहतें कि अगर बारह अरब डालर से कही कम रकम अगर वह भारतीय रेलों की दुर्दशा पर खर्च करतें तो यह हम भारतीयों के लिए ज्यादा सुकून व तसल्ली देने वाला होता , कर्ज लेकर विकास करने की यह अनीती देश की आम जनता की जेब पर निश्चित रूप से भारी पड़ने वाली है सरकारों का क्या है आज है कल नहीं आश्चर्य भी होता है और दुखः भी कि सरकारें अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए जनता को ही क्यों पीसती है कर्जे से ली गयी बुलेट टेªन से हम अपना कौन सा स्टेटस दुनियाँ के सामने दिखाना चाहते है क्या हम अपने पास मौजूद संसाधनों का उपयोग करके अपनी भारतीय टेªनों की दुर्दशा बदहाली को सुधार लेते तो यह भारतीयों के लिए निश्चित रूप से गर्व करने वाल...
कहते है कि राजनीति बड़ी गंदी चीज है अच्छे लोगों के लिए यह नहीं बनी है किन्तु अक्सर यदा कदा अच्छे लोगों को राजनीति की गंदगी को दूर करने के लिए अच्छे सोच के लोगो को राजनीति में आने की नसीहत , सलाह अक्सर हमारे वरिष्ठ नेतागण देते रहते है उनकी सलाह मानकर वेहद बढे लिखे युवा अपनी अच्छी खासी पैकेज वाली नौकरी को छोड़कर राजनीति में कुछ कर गुजरने का सपना लेकर चुनाव में कूद तो जाते है किन्तु उसका कड़वा अनुभव उन्हे जल्द ही हो जाता है राजनीति की गंदगी उनके सपनों नई सोच व समाज सेवी सिद्धान्तों को निगल जाती है मुर्गा, दारू, व पैसे पर बिकने वाले ज्यादातर मतदाताओं द्वारा उनके सपनों को धूल-धूसित कर दिया जाता है इसका ताजा उदाहरण हमें उत्तर प्रदेश में हुए ताजातरीन प्रधानी के चुनाव में देखने को मिली है जिसके शिकार लाखों युवा हुए है वे युवा जिन्होने अपने गाँव के विकास के लिए एक सपना देखा था कि गाँव में बिजली होगी पानी होगा सड़के होगी शिक्षा व्यवस्था उन्नत होगी स्वास्थ सुविधायें होगीं स्त्रीयों का सशक्तिकरण होगा वह हर विकास जो उनके बदहाल गाँव की दिशा व दशा उनके जीतनें के बाद बदलेगी किन्तु एैसा हो न सका उनके ...
लव जेहाद हिन्दू समाज के विरूद्ध एक भयावह षडयन्त्र, कुचक्र मनीष पाण्डेय। अधिवक्ता/पत्रकार प्रदेश प्रवक्ता अखिलभारत हिन्दू महासभा उत्तर प्रदेश साधारण अर्थो में लब जेहाद का अर्थ प्रेम युद्ध माना जाता है, जो कि सम्पर्ण विश्व का इस्लामीकरण करने के उददेश्य से मुसलमानों द्वारा इस्लाम पंथ को न मानने वालों के विरूद्ध अर्थात् जो अल्लाह पर ना ईमान रखते हो, ना ही उसके रसूल पर और ना ही इस्लाम को मानते हों अर्थात् जो काफिर हो ऐसे लोगो से जेहाद करने के लिए कुरान (9ः29) में स्पष्ट रूप से वर्णन है। जेहाद अथवा युद्ध में लब या प्रेम युद्ध कैसे आया किस षडयन्त्र के तहत लाया गया इसे समझा जाना नितांत आवश्यक है। आपने अक्सर देखा होगा कि टी वी चैनलों पर होती बहसो के दौरान मुस्लिम पक्ष तथा दलाल मीडिया चैनल लव जेहाद जैसी कोई भी चीज के होने के अस्तित्व केा एक सिरे से नकारते हुए इसे अन्र्तजतीय, अन्तधर्मियों, प्रेम कहते है। जबकि लव जेहाद वह प्रेम विवाह में जमीन आसमान का अन्तर होता है। प्रेम विवाह में जहां वर बधू में निष्ठा व समर्पण का भाव होता है, वहीं लव जेहाद में आक्रोश विद्वैष छल और धर्मान्तरण होता है। दूसरे ...
आरक्षण की यह आग कब बुझेगी मनीष पाण्डेय अधिवक्ता/पत्रकार प्रदेश प्रवक्ता अखिल भारत हिन्दू महासभा उ0प्र0 आरक्षण की आग में जलते हुऐ गुजरात को टी0बी0 चैनलो के माध्यम से जब जलते हुए देखा तो दुख भी हुआ और क्रोध भी आया हार्दिक पटेल पर नहीं बल्कि देश के उन नीति निर्धारकों, तथा कथित समाजसेवी राजनेताओं पर जिन्होनें आरक्षण का राजनीतिकरण करते हुए अपने अपने हितो को स्वार्थपूर्ण ढंग से साधते हुए अपनी अपनी राजनैतिक रोटियां सेकी, अपने स्वार्थ के आगे उन्होने न जाने कितने परिवारों को आरक्षण की बलि दे दी पर चढ़ाकर और उनकी लाशो के उपर चढ़कर न सिर्फ सत्ता सुन्दरी का वरण किया बल्कि अपना और अपने वाली पीढि़यों को भी एश्वर्य पूर्ण जिन्दगी जीने का रास्ता खोल दिया आरक्षण की आग लगाकर सेकुलरवाद का नारा बुलन्द करने वाली कांग्रेस रही हो, फिर चाहे समाजवाद का खोखला नारा देने वाली समाजवादी पार्टी या फिर बहुजन हिताय बहुजन सुखाय का दिखावा करने वाली बसपा रही हो या फिर राष्ट्र वादी व हिन्दुत्व का ढपोरशंखी राग अलापने वाली भाजपा सभी ने न सिर्फ इस आरक्षण रूपी सुन्दरी को भरपूर रूप से चाहा बल्कि बल्कि उसे तोड़ा मरोड़ा और ...
 चिन्हित कर केन्द्र सरकार दिल्ली पुलिस या जिसके भी यह अधिकार क्षेत्र में आता हो उन्हे गिरफ्तार कर कठोरतम कार्यवाही करने की संस्तुति प्रदान करे। हिन्दू महासभा की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ;पी0 एम0 ओ0 हाउसद्ध दिल्ली पुलिस तथा देश की संसद को पत्र लिखकर केरल हाउस में गौमांस खाने वालो के विरू़द्ध कठोर कार्यवाही किये जाने की माँग के साथ साथ यह भी माँग करती है कि सम्पूर्ण भारत में गौ वध के सम्बन्ध में कठोर कानून बनाये और गौ वध पर बैन लगाये तथा गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करे। Like Comment Share
अयोध्या के पौराणिक़ महत्व के कुण्डों पर भू माफियों का कब्जा ऽ नजूल, रजिस्ट्री व राजस्व विभाग की मिलीभगत के चलते कुण्डों का अस्तित्व खतरे में मनीष पाण्डेय फैजाबाद! अयोध्या जहां कभी युद्ध ना हुआ हो, स्कन्दपुराण के अनुसार समस्त उपपातकों के साथ ब्रह्महत्या आदि महापातक इस पुरी से युद्ध नही कर सकते इसलिए इसे अयोध्या कहते हैं, अयोध्या भगवान विष्णु की आदि नगरी है, और उनके सुदर्शन चक्र पर स्थित मानी गई है, जिस अयोध्या को भगवान विष्णु का निवास अन्तर्गृह, राजा रामचन्द्र जी का जन्मस्थान, माना जाता हो वहीं आज चंद भू माफियाओं स्वार्थी, असंतो, पुलिस प्रशासन के गठजोड़ के कारण अपने ही लोगों द्वारा छली हुई हार की कगार पर खड़ी हो कोने में बेबसी के आंसू बहाते देखी जा सकती है, जिस अयोध्या धाम को बड़े-बड़े आतताई , राक्षस, दुष्ट, निशाचर, डिगा, हरा ना सके उसे अब अपने ही उसके महात्मय को छिन्न-भिन्न नष्ट करने पर उतारू हैं। वास्तव में देखा जाऐ तो अयोध्या धाम का महत्व अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर अपनी अमिट, विशिष्ट छाप छोड़ने वाले राम मंदिर आन्दोलन के कारण तो रही ही है किन्तु उससे अधिक इस पुरी मंे स्थित पौराणिक क...