जन्मभूमि का इतिहास भाग 4

कृष्ण जन्मभूमि का इतिहास (श्रंखला) भाग 4
पुरातात्विक साक्ष्य, पुरातत्ववेक्क्ताओं और इतिहासकारों ने कहा ,यही है कृष्ण जन्म भूमि
मनीष पाण्डेय 
अक्सर कुछ सेकुलर वादी मानसिकता के लोग भारत के मुस्लिम शासकों को महान बताने से नहीं चूकते हैं वे उस अकबर को भी महान बता देते हैं जिसने इस्लामिक जिहाद की आड़ लेकर ना सिर्फ हिंदू मंदिरों को तोड़ वाया बल्कि लव जिहाद के तहत,जोधाबाई से निकाह किया इतिहास बताता है कि अकबर ने सैकड़ों मंदिरों का विध्वंस करवाया, किंतु नऐ मंदिरों का निर्माण करवाने पर पूरी तरह से रोक लगवा दी, इतिहासकार बताते हैं कि अकबर ने तुलसीदास जी को भी हनुमान मंदिर बनाने से रोका था,
मौलवी मोहम्मद हुसैन आजाद द्वारा लिखित दरबार ए अकबर मैं कृष्ण जन्मभूमि अर्थात कटरा केशवपुर पर एक ब्राह्मण चौबे द्वारा मंदिर स्थल पर चबूतरे का निर्माण करवाकर उस पर भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करवा कर पूजा अर्चना करने का विवरण साफ-साफ दर्ज है दरबार ए अकबर यह भी बताती है कि कटरा केशोपुर पर मंदिर निर्माण के पश्चात धर्मांध मुसलमानों द्वारा किस तरह विरोध किया गया और किस प्रकार अकबर द्वारा अपनी दरबारी मुसलमानों को मौन समर्थन देकर उस ब्राह्मण चौबे की हत्या करवा दी गई, शेख अब्दुल नबी सदर जिसने ब्राह्मण चौबे की हत्या की थी उसकी हत्या भी बाद में हिंदू राजाओं द्वारा कर दी गई इन सब का विस्तार पूर्वक वर्णन दरबार ए अकबर में मिलता है, इलिएट एवं डाउसन कृत 'हिस्ट्री आव इण्डिया ऐज टोल्ड बाई इट्स ओन हिस्टोरिएन', जिल्द 7, पृ0 184, जहाँ 'म-असिर-ए-आलमगीरी' की एक उक्ति इस विषय में इस प्रकार अनूदित हुई है,-"औरंगजेब ने मथुरा के 'देहरा केसु राय' नामक मन्दिर (जो, जैसा कि उस ग्रन्थ में आया है, 33 लाख रुपयों से निर्मित हुआ था) को नष्ट करने की आज्ञा दी, और शीघ्र ही वह असत्यता का शक्तिशाली गढ़ पृथिवी में मिला दिया गया और उसी स्थान पर एक बृहत् मसजिद की नींव डाल दी गयी।" जेम्स टॉड ने भी क्लासों बोरा अर्थात कृष्ण जन्मभूमि को ही भगवान कृष्ण की विदेशी यात्री मेगास्थनीज ने अपनी पुस्तक इंडिका में भी इसे कृष्ण जन्म भूमि ही माना है एक अन्य लेखक एरियन ने इसे कृष्ण जन्म कहकर ही संबोधित किया है, भारतीय पुरातत्व विभाग के पितामह अलेक्जेंडर कनिंघम ने भी से कृष्ण जन्मभूमि माना है भारतीय इतिहासकार विजेंद्र कुमार माथुर ने भी इसे कृष्ण जन्मभूमि नहीं माना है कृष्ण चंद्र बाजपेई ने ने अपनी पुस्तक मथुरा मैं भी अपनी अपनी पुस्तकों में कटरा केशवपुर को ही कृष्ण जन्मभूमि माना है, एफ एस ग्राउज जो कि 1871 से लेकर 1877 तक मथुरा जनपद के जिलाधिकारी हुआ करते थे ने "मथुरा मेमोयर" मैं भी कटरा केशवपुर को ही कृष्ण जन्मभूमि माना है आपका ही 
मनीष पांडेय अधिवक्ता 
राष्ट्रीय प्रवक्ता हिंदू महासभा
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